गुरुवार, 5 अप्रैल 2012

देहात की नारी की आवाज

                 "देहात की नारी" ब्लॉग पर आपका स्वागत है। आज हम इस  ब्लॉग पर  प्रकाशन प्रारंभ करें , इसके पूर्व कुछ परिचय नवीन ब्लॉग का देना चाहेंगे ........


                  हमारा देश सांस्कृतिक सम्पदा से परिपूर्ण है  ! शहरी क्षेत्रो में जहाँ एक ओर प्रचार के समग्र संसाधन मौजूद है , जहाँ समाजसेवा को एक फैशन के तौर पर प्रदर्शित किया जाता है , किसी एक स्थान से पौधे उखाड़ कर दूसरी जगह रोप दिया ,और छा गये मिडिया में ...बन गई  हेड लाइन ......अमुक महिला के द्वारा वृक्षारोपण किया गया ..!ऊँची हील की सेंडिल ..होंठो में गहरी लिपिस्टिक , महँगी साड़ियाँ, और वित्तीय साधनों से पूर्ण कई समाज सेवी संगठन की तस्वीरें आपने इलेक्ट्रानिक और प्रिंट मिडिया में अक्सर देखी होंगी , पर समाजसेवा का जो रूप मैंने गाँव में देखा है , जो जज्बा देहात की नारी में देखा है, मेरा रचना धर्म ऐसी ही कुछ खास नारियों से अपने साहित्य जगत के मित्रो से परिचय करवाने के उद्देश्य से मैंने इस नवीन ब्लाग "देहात का नारी " का आज लोकार्पण करने जा रही हूँ... मित्रो से आग्रह है कि बहुत सामान्य सी दिखने वाली , बेहद घरेलु किस्म कि इन देहात कि नारी से मिलने , और उसमे निहित संकेत को अपना स्नेह जरुर प्रदान करेंगे।


                   मेरा ये मतलब कतई नही है कि शहरी महिलाएं समाज सेवा मात्र दिखावा के लिए करती है, फ़िर भी अधिकतर प्रगतिशील कहलाने वाली दिखावे से परे नहीं है। अंग्रेजी बोल कर ग्रामीण महिलाओं के साथ फ़ोटो खिंचा कर अपना उल्लू सीधा कर नारी जागरण की दुकान चलाने वाली तथाकथित नारियों की भी कोई कमी नहीं है। मेरा किसी से कोई विरोध नही है, पर मेरी दृष्टि में साधन सपन्नता का ढोंग करने वाली महान नारियों की बजाए, महान वो देहात की वो महिला है , जो सीमित साधनों में रह कर भी अपने आवश्यकताओ से  बचाकर कुछ करने का प्रयास कर रही है ! अल्पक्षर है , गरीब है , दिन दुनिया के रस्मोरिवाज से अपरिचित है , पर मेहनती है , आत्मनिर्भर है , सरल है , सहज है , और बनावटीपन से कोसो दूर है , मेरी लेखनी सलाम करती है उन महान नारियो को , ग्रामो में बसती है  ! समय - समय पर इस ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास होगा कि उन नारियो से आपका रूबरू करा सकू ..


             आज बस एक संक्षिप्त सा परिचय इस ब्लॉग का ....

45 टिप्‍पणियां:

  1. bharat ganwo me basta hai...un gaon dehat ki sadgi aur pradushanmukt watawaran , barbas hi hme gaon tk khinch le jati hai .. waha jakar hmne nari shakti ka jo swaroop dekha , rachnakaar ka lalam apne ko rok na paya , dehat ki nari ko aapse rubru karne se ..........swagat hai mitro , mere is naye blog
    "DEHAT KI NARI " me aap sabhi prbuddhjano ka.........

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  2. आनेवाली पोस्‍टों को इंतजार रहेगा ..

    शुभकामनाएं !!

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  3. बहुत सुन्दर बधाई हो आपको इस नयी शुरुवात के लिये

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  4. बहुत सुन्दर प्रस्तुति .....हिंदुस्तान की संस्कृति में नारी का बहुत बड़ा योगदान है और आप में आपने ब्लॉग को उसी संस्कृति का रूप दिया है
    ''देहात की नारी की आवाज'' बहुत उम्दा सोच के साथ आप के ब्लॉग की शुरवात हमारी शुभकामनायें आप के साथ हैं

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    1. welcome ....aap logo ka sneh aur sath se ye blog nishchit hi lokpriya blog ke rup me apni pahichan bana payega ..thanks

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  5. बहुत सुन्दर प्रस्तुति .....हिंदुस्तान की संस्कृति में नारी का बहुत बड़ा योगदान है और आपने आपने ब्लॉग को उसी संस्कृति का रूप दिया है
    ''देहात की नारी की आवाज'' बहुत उम्दा सोच के साथ आप के ब्लॉग की शुरवात हमारी शुभकामनायें आप के साथ हैं

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  6. बहुत अच्छी पहल... बेसब्री से इंतजार है आपकी आगामी पोस्ट का... आभार व शुभकामनाएं

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    1. thanks sandhya ji...aapka intjar jald hi samapt ho jayega , kuchh nawin shakhsiyat se aapko is blog ke madhyam se hm rubru karayege aapko...

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  7. बहुत अच्छी शुरुआत ..... आगे की पोस्ट्स का इंतज़ार रहेगा ...

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  8. .

    ●●●▬▬▬▬▬▬स्वागतम▬▬▬▬▬▬●●●
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  9. अच्‍छी पहल है। कोई कुछ भी कहे, परवाह किए बगैर अपने लक्ष्‍य पर नजर रख कर निरन्‍तर बढती रहें। हमारे नियन्‍त्रण में केवल प्रयत्‍न हैं, परिणाम नहीं किन्‍तु इसका समानान्‍तर सच यह भी है कि प्रयत्‍नों को ही परिणाम मिलते हैं।आपको शुभ-कामनाऍं और अग्रिम बधाइयॉं। मैं आपके ब्‍लॉग को 'फालो' भी कर रहा हूँ और ई-मेल सदस्‍यता भी ले रहा हूँ।

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    1. wah...aapka sneh aur margdarshan se nishchit hi sakaratmak parinam parilakshit honge... thanks hamare hausala afjai ke liye.......

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  10. आपका ब्‍लॉग ई-मेल से प्राप्‍त करने का प्रावधान उपलब्‍ध नहीं है। मेरा तकनीकी ज्ञान शून्‍यवत है। मैं वे ही ब्‍लॉग पढ पा रहा हूँ जो मुझे ई-मेल से मिलते हैं। कृपया, आपका ब्‍लॉग ई-मेल से प्राप्‍त करने की सुविधा उपलब्‍ध कराऍं।

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    1. ji ..bahut jald hi ham aapko ye suwidha pahuchane ka prayatn.krte hai, asuwidha ke liye khed hai hme....aabhar aapka

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  11. बहुत ही सुन्दर पहल.स्वागत है आपका.

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  12. स्वागत है ! बहुत बहुत शुभकामनायें !

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  13. बहुत -बहुत शुभकामनाये ! आशा है आप जरुर सफल होंगी औरो से परे ....

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  14. बहुत बढिया आगाज किया सुनीता जी, इस ब्लॉग के माध्यम से वास्तविक ग्रामीण स्त्रियों के संघर्षों की कहानी सामने आएगी। उनके जागरुक प्रयासों की जानकारी मिलेगी। फ़ालतु की बहस के बजाए सार्थक कामों के प्रकाशन होने से देहात की नारियों को संबंल मिलेगा और वे भी वैश्विक पटल पर अपनी पहचान बनाने में कामायाब होगीं…………आपको बहुत बहुत शुभकामनाएं एवं आभार… उम्मीद है यह ब्लॉग मील का पत्थर साबित होगा।

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    1. bahut bahut aabhar aapka lalit ji. ek prayas hmara hai ki gramin anchal ki chhupi hui pratibhao ko blog aur facebook ke madhyam se rubru karakr blog lekhan ko ek sakaratmak disha de, aap sabhi ka sneh aur sahyog is blog pr apekshit hai... aapke samikshao aur shubhkamnao se is blog ko ek prithak pahichan awashya milegi .. thanks........

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  15. स्‍वागत है...............इंतजार है................

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    1. rakesh ji ...aabhaar aapka , intjar ki ghadi bs kuchh chand ghante aur pahali dehat ki nari aapke samaksh ..apni vikasyatra ke sath.......

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  16. बहुत अच्छा प्रयास...तार्किक बातें....अशेष शुभ कामना.

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    1. thanks pankaj ji...sarthak aur navin prayas ke liye shubhkamanao ka bahut bahut aabhar...

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  17. इंतज़ार रहेगा ... असली भारत तो हमारे गाँव में ही बस्ता है ... आभार

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  18. बहुत सुंदर अभिव्यक्ति। पूरी तरह सहमत हूं।
    स्वागत है 'ब्लोगों' के परिवार में।

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  19. स्वागत है आपका ...
    आशा है कुछ नया देंगी ...

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  20. बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति।***इंतजार है आपकी आगामी पोस्ट का...शुभकामनाएं

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